Saturday, December 22, 2012

एक संगीतमय कहानी - नालायक

दीप्‍ति के साथ सुनि‍ये एक संगीतमय कहानी

रचना - रमा शेखर

                                    

घर के दो बच्‍चे एक से तो नहीं हो सकते ना....कोई मेधावी तो कोई कमजोर,
 एक नटखट तो दूसरा गंभीर....
बहुत सी बातें जिम्‍मेदार हो सकती हैं एक ही घर के 
दो बच्‍चों के व्‍यवहार को अलग अलग बनाने में....
लेकि‍न क्‍या मां बाप को इन दो बच्‍चों में अंतर करना चाहि‍ये...
पि‍ता और पुत्र के अनकहे से संबंधों पर आधारि‍त 
रमा शेखर की रचना  दीप्‍ति‍ सक्‍सेना के स्‍वर में सुनि‍ये 
सीजी रेडि‍यो पर....

4 comments:

Ratan singh shekhawat said...

शानदार ! मधुर आवाज में सुनकर मजा आ गया !!

pcpatnaik said...

Chhota Hi Sahi Parantu Apana Ho....Prabhu Krupa....Rula Diya...Bahut Heart Touching....Thnx...to All...

satyendra said...

ह्रदय स्पर्शी कहानी, ईश्वर ऐसा नालायक बेटा सबको दे... Thanks to all CG Radio team....

संध्या शर्मा said...

सच बात है पैसा प्यार की जगह कभी नहीं ले सकता सकता... दीप्ती जी की सुमधुर आवाज़ और अंदाज़ बहुत अच्छा लगा... शुक्रिया

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