Sunday, January 6, 2013

कहानी - लांस नायक वेदराम (सुनिए कहानी)

सीजी रेडियो में प्रस्तुत है ब्लॉगर ललित शर्मा की कहानी लांस नायक वेदराम
इसे आवाज दी है स्वयं ललित शर्मा जी ने



                                 







16 comments:

Atul Kumar Lowalekar said...

Good One

संध्या शर्मा said...

बहुत अरसे के बाद इतनी अच्छी और भावनाप्रधान कहानी सुनने मिली...

पूर्णिमा वर्मन said...

बहुत अच्छी कहानी है ललित जी..

pcpatnaik said...

Lalit Ji Aapne Roola Hi Diya....CHIDIYA UDA CHUKI HAI....MERI BAHAN YAADA AA GAYI...AAPKI KAHANI KI TARAHA MAIN BHI AAJA LAACHAARA MEHASOOSA KARATA HUN....USKE BINA...GHARA MEIN PAANCHA BHAION MEIN EK BAHAN HUA KARATI THI....AAJ HUM SABON KO CHHODA KARA JAA CHUKI HAI ISWARA KE GHARA...JUDAI BAHAN KA BHAI SE....KEWAL WAHI MEHASOOSA KARA SAKATA HAI JISKI BAHAN HO...KAASH PICTURE LOADING KA OPTION HOTA ISMEIN TO BAHAN KI PICTURE POST KARATA...JAHAAN BHI HO WAHA KHUSH RAHE...MERI LAADALI BAHAN...MAIN RO RAHA HUN..IN LINON KO LIKHATE HUE...THNX...

दर्शन कौर धनोय said...

हाय री ,किस्मत जब आवाज सुनने की बारी आई तो पता चला की स्पीकर ही खराब है ....:)

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

हेडफ़ोन लगा कर सुन लो।

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

आप बहन का चित्र भेज दीजिए, हम उसे इस पोस्ट पर लगा देगें।

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

धन्यवाद एवं आभार

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

धन्यवाद एवं आभार

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

धन्यवाद एवं आभार

PRAMOD KUMAR said...

अत्यंत मार्मिक कहानी , दिल को छू लेने वाली, आपके श्रीमुख से सुनकर बहुत अच्छा लगा.........!

दर्शन कौर धनोय said...

तुम्हारी कहानी आवाज़ सहित सुनने के लिए तो नए स्पीकर लेने पड़े जी ...जल्द रसीद घर पंहुचा दूंगी ..:)

दर्शन कौर धनोय said...

बहुत ही मार्मिक कहानी है ...आशा और निराशा में डूबी हुई ....दिल की आवाज़ ...

Naman said...

शब्द नहीं है कुछ कहने को क्या कंहू मगर भाव लिख रहा हूँ हो सके तो समझ लेना .

Major Pravin Singh said...

wow sir you have written in depth analysis of a fauji jawan...........touching and very nice one sir

केवल राम : said...

यह कहानी मैंने पहली बार आपसे ही सुनी थी ..रोहतक में ..और आज फिर सुनकर सोचने पर मजबूर हो गया ....दर्शन तो है कहानी में ..इच्छाएं और फिर यथार्थ भी .....!!!

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